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Showing posts from January 29, 2024

इसलिए पढ़ी जानी चाहिए 'सत्य के प्रयोग'

आज जब हर कोई देश के राष्ट्रपिता 'महात्मा गांधी' के संघर्ष को भूल उन्हें भला बुरा कहने पर उतारु हो गया है। जिसका मनाना है कि देश की आजादी में गांधी का कोई भी योगदान नहीं है। जो गांधी को भारत के दो टुकड़े का जिम्मेदार मनाते है ।  ऐसे समय में गांधी को पढ़ा जाना और भी ज्यादा जरुरी है। इसके लिए हमें गांधी की आत्मकथा 'सत्य के  प्रयोग ' को पढ़ाने  की आवश्यकता है जो हमें  उनके बारें में एक कठु सत्य बताती है।  जिसमें हम गांधी वास्ताव में कौन है उनकी अच्छाई बुराई का विश्लेषण कर पाते है।  एक लापरवाह लड़के से देश की आजादी के प्रणेता के जन्म को जाना पाते है। उनके उस संघर्ष को काफी करीब से देख पाते है जिसने उन्हें 'बैरिस्टर बाबू ' से एक लगोट धारी बना दिया। उनके प्रयोग को पढ़ हम जानेगें कि आखिर ऐसा क्या कारण था ,कि गांधी राजाओं को आभूषण पहने नहीं देखना चाहते थे? अहिंसा का मार्ग अपनाने के पीछे की मुख्य वजह को हम पहचानेगें। जलियावाला बाग हत्याकांड से  गांधी का  किस तरह से हदय परिवर्तन हुआ इसका दर्द हम जानेंगें। आखिर क्यों गांधी ने अंग्रेजों के विरोध में स्वर तेज क...