किताबें होती है कितनी काम कि न कोई गिले सिकवे होते न बात बात पर हम रोते न करते किसी के लिए आंखें नम। किताबें होती कितनी अच्छी जो सदा चलती अपने संग।
वो बात जो जरूरी है