ये आशायें भी कितना कुछ छिन लेती है इनसे ये आशायें भी कितना कुछ छिन लेती है इनसे जहां जीवन जीने की कला जीने का आनंद छिन लेती है इनसे सवालों के घेरे में रहकर कुछ चीजों में जिंदगी सिमट सी जाती है जहां इच्छा शून्य सी हो जाती है कुछ बेहतर पाने की आशा में बहुत कुछ छिन लेती है इनसे।
वो बात जो जरूरी है