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Showing posts from January 9, 2025

hope poem in hindi

ये आशायें भी कितना कुछ छिन लेती है इनसे ये आशायें भी कितना कुछ छिन लेती है इनसे जहां जीवन जीने की कला जीने का आनंद छिन लेती है इनसे सवालों के घेरे में रहकर कुछ चीजों में जिंदगी सिमट सी जाती है जहां इच्छा शून्य सी हो जाती है कुछ बेहतर पाने की आशा में बहुत कुछ छिन लेती है इनसे।