वो लड़कियां तब आजाद होगी जब समाज के बंधन में वो जकड़ी न होकर खुले में बेखौफ चल सकेगी जहां वो लड़की है ये उनकी कमजोरी नहीं इस गलतफहमी को खत्म कर खुद को हर हालात में मजबूत बनाएगी। जिसके लिए जरूरी होगा वो वातावरण जहां वो खुद को पिंजरे में बंद नहीं बल्कि खुली हवा में सांस ले सकेगी।
वो बात जो जरूरी है