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Showing posts from January 11, 2021

युवा दिवस

"सम्पूर्ण शक्ति में जो है तुम्हारे भीतर है वरन् उसकी अपेक्षा हजार गुना अधिक." स्वामी विवेकानंद का या विचार हम सब युवा की हमारी ताकत से अवगत कराता है हमारी जिंदगी में अक्सर ये परिस्थितियां आती है जब हमें लगता है कि हमारे हाथों से सब कुछ निकल गया और हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं उस समय दूसरी तरफ से हमारी आत्मा की आवाज आती है कि नहीं हम ही इसे कर सकते हैं और हम उस काम को सचमुच कर लेते हैं और हमारा खुद पर विश्वास जब ओर मजबूत हो जाता है जब हमने जैसा सोचा हो वैसा हमें मिल जाएं और ऐसा हम में से क ई लोगों के साथ हुआ भी है. हम जिंदगी जीते तो एक है लेकिन हम दो लोग से लड़ाई लड़ रहे होते हैं एक खुद से दूसरा बाहरी लोगों से अक्सर लोग इनमें फंस कर रह जाते हैं जबकि कुछ लोग इनसे निकलकर कुछ बेहतर पाते हैं. विवेकानंद कहा करते थे कौन तुम्हारी बुराई करता है और कौन तुम्हारी तारीफ तुम इसकी चिंता न करके अपने काम पर ध्यान दो. "उठो जागो लड़ो क्योंकि कमजोरी मौत है और ताकत जीवन है "

कड़वा है पर सच है

इस मतलबी दुनिया में अक्सर हमें ये लगता है कि हमारे दोस्त निस्वार्थ हम से दोस्ती करते हैं वो हमें हर चीज बताते हैं और वो हमारी जिंदगी है गुरु और माता पिता सब बहुत बुरे हैं जबकि सच्चाई इसे बहुत अलग है आज आपके दस से 11 दोस्त होगे जिनको लेकर आपको बड़ा घमंड होगा लेकिन जब उनमें से कोई दोस्त धोखा देगा तब सच में उस समय आप अपने दोस्त से ज्यादा टूट चुके होगे क्योंकि एक समय के लिए वो आपकी दुनिया था. दोस्त होना अच्छी बात है दोस्ती करना उसे भी अच्छी बात है लेकिन संगती अच्छी हो ये सबसे अच्छी बात होती है जो खुशनसीब लोगों को ही मिलती है आज ज्यादा दोस्त सिर्फ अपना मतलब निकालने के लिए आपसे दोस्ती करते जिनके लिए आप अक्सर अपना सब कुछ कुर्बान कर देते हो इसलिए जिंदगी में भले ही एक दोस्त बनाइए पर ऐसा बनिए जो आपको हमेशा सही राह दिखाएं आपकी झूठी तारीफ न करके आपकी गलतियों पर आपको टोके आपके लिए सही से ज्यादा बेहतर क्या है उसके बारे में सोचे.