युवा दिवस



"सम्पूर्ण शक्ति में जो है तुम्हारे भीतर है वरन् उसकी अपेक्षा हजार गुना अधिक."

स्वामी विवेकानंद का या विचार हम सब युवा की हमारी ताकत से अवगत कराता है हमारी जिंदगी में अक्सर ये परिस्थितियां आती है जब हमें लगता है कि हमारे हाथों से सब कुछ निकल गया और हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं उस समय दूसरी तरफ से हमारी आत्मा की आवाज आती है कि नहीं हम ही इसे कर सकते हैं और हम उस काम को सचमुच कर लेते हैं और हमारा खुद पर विश्वास जब ओर मजबूत हो जाता है जब हमने जैसा सोचा हो वैसा हमें मिल जाएं और ऐसा हम में से क ई लोगों के साथ हुआ भी है.

हम जिंदगी जीते तो एक है लेकिन हम दो लोग से लड़ाई लड़ रहे होते हैं एक खुद से दूसरा बाहरी लोगों से अक्सर लोग इनमें फंस कर रह जाते हैं जबकि कुछ लोग इनसे निकलकर कुछ बेहतर पाते हैं.

विवेकानंद कहा करते थे कौन तुम्हारी बुराई करता है और कौन तुम्हारी तारीफ तुम इसकी चिंता न करके अपने काम पर ध्यान दो.

"उठो जागो लड़ो क्योंकि कमजोरी मौत है और ताकत जीवन है "

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