क बीर जो हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि हैं ∣ जिन्होंने ज्ञान की अपेक्षा में अनुभव को ज्यादा महत्वपूर्ण माना हैं ∣ उनका मानना था कि अनुभव ही एक ऐसी चीज है जो इंसान के अंधकार को दूर करता है ∣ जिंदगी के अच्छे बुरे अनुभव लेकर इंसान सही गलत में फर्क समझता है ∣ अगर हम उनकी भाषा की बात करें तो जानेगें कि कबीर की भाषा पूरवी जनपद की भाषा है ∣ जिसे सधुक्कड़ी भाषा के नाम से भी जाना जाता है ∣ उन्होंने अध्यात्म का मर्म समझाने के लिए रूपक और प्रतीकों के साथ उलट बासी का भी प्रयोग किया है ∣ जिसे उनके दोहों और उलट बासी से समझा जा सकता है ∣ जिसमें वाणी की महिमा बताते हुए उन्हें ने कहा है कि " शब्द सम्हारे बोलिये, शब्द के न ...
वो बात जो जरूरी है