कहने को तो केवल इस कोरोना वायरस ने हमें बदला हमारे सामने उन बदलावों को लाया जिनकी हमें जरूरत थी पर हमने कभी उसे नहीं अपनाया आईए आज बात करते हैं इन पहलूओं पर १. हमारी शिक्षा प्रणाली - यू तो नयी शिक्षा जल्द ही हम सब के लिए आने वाली है किन्तु अभी उसे लागू होने में बहुत वक्त है . आज भले ही हम अपने आप को विश्व गुरु समझे किन्तु आज भारत की शिक्षा प्रणाली में बहुत विविधता है जिस कारण बच्चे बारहवीं तक भले ही किसी बोर्ड से पास होए किन्तु कालेज लगभग सबका साथ होता है. किन्तु मुझे दक्षिण भारत की शिक्षा प्रणाली बहुत अच्छी लगी जहाँ बच्चे को बचपन से ही पढ़ाई के अलावा एक किसी क्षेत्र को चुनना होता है जिसमें उनकी रूचि होती और उसको लगन से सीखना होता. जिसके चलते बच्चे आगे जाकर अपने रूचि के क्षेत्र में भी अपना करियर बना लेते हैं. किन्तु हमारे क्षेत्र में बच्चे केवल पढ़ाई ही करते . २. शिक्षा व्यावसायिक रूप में होना - हमारी शिक्षा ऐसी होनी जरूरी है जो किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता दिलाएँ. ३. तकनीकी का ज्ञान - यू तो आज हम फोन और लेपटाॅप का उपयोग ...
वो बात जो जरूरी है