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Showing posts from March 15, 2025

festival poem in hindi

अब त्योहारों के मतलब बदल गए हैं अब रिश्तों के मायने कुछ बदल गए हैं अब बहुत कुछ बदल सा गया है अब चीजों के मायने बदल गए हैं।  अब पहले जैसा ऐसा कुछ भी नहीं अब बहुत कुछ समय के साथ बदल सा गया है अब नहीं है छाप त्योहार की अब सबकुछ ऑनलाईन सा बिकने लगा है।