festival poem in hindi

अब त्योहारों के मतलब बदल गए हैं
अब रिश्तों के मायने कुछ बदल गए हैं
अब बहुत कुछ बदल सा गया है
अब चीजों के मायने बदल गए हैं। 
अब पहले जैसा ऐसा कुछ भी नहीं
अब बहुत कुछ समय के साथ बदल सा गया है
अब नहीं है छाप त्योहार की
अब सबकुछ ऑनलाईन सा बिकने लगा है। 

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