अब त्योहारों के मतलब बदल गए हैं
अब रिश्तों के मायने कुछ बदल गए हैं
अब बहुत कुछ बदल सा गया है
अब चीजों के मायने बदल गए हैं।
अब पहले जैसा ऐसा कुछ भी नहीं
अब बहुत कुछ समय के साथ बदल सा गया है
अब नहीं है छाप त्योहार की
अब सबकुछ ऑनलाईन सा बिकने लगा है।
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