Bhopal Boarding School Rape Case: ' स्कूल' वो जगह जहां बच्चा शिक्षा लेता है। जहां वो पढ़ान सीखता है। अपनी अज्ञानता को खत्म कर ज्ञान की रोशनी पाता है। किन्तु जब स्कूल जैसी जगह पर उनके साथ मानवता की हदें पार की जाती है। तब बोलना जरुरी होता है। इंसान की इंसानियत आज खत्म हो चुकी है। जहां वो इंसान कम हैवान ज्यादा बन रहा है। ये बात कई और हमें कहता तो शायद हमें थोड़ी बुरी सी लगती। किन्तु कहते है न प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या आ वश्यकता है। आज का ही मामला ले ले। जो घटना 15 दिन पुरानी बतायी जा रही है। जहां मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक प्रतिष्ठित स्कूल के हॉस्टल में एक आठवीं की लड़की के साथ दुष्चार की हदें पार की गयी। उसका रेप किया गया। जिसमें उसका साथ देने वाली एक महिला वार्डन थी। इसे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है? जहां एक महिला होने के बावजूद किसी बच्ची के बचपन के साथ खिलवाड़ किया गया है। अफ़सोस की बात तो ये है कि इस सब के बावजूद हमारे ढ़ोग की हदें पार है। जहां हम उन्हें देवी का रूप मानते है। किन्तु उनको अकली पा उनके साथ दुष्चार करते है। जहां न घर के अंदर न बाहर कहीं...
वो बात जो जरूरी है