Employment: मंदिर ,मस्जिद आजादी के पहले का भारत कैसा था। आजादी के बाद भारत (India) में कुछ न हुआ। यूपीए (UPA) के समय में मंहगाई आसमां छू रही थी। आज मंहगाई (Inflation) थोड़ी न है। जैसे सब विषय पर बात होगी। पर बात उस पर नहीं, जो आज (Country) देश की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जो की रोजगार जैसा गंभीर विषय है। जिसकी आज देश में सबसे ज्यादा कमी हैं। खुद पर कर यकीन की, हर कोशिश भी तुझें सलाम करें https://poojabhopal.blogspot.com/2021/03/blog-post_43.html पर मुद्दा रोजगार थोड़ी न है। है इससे हमें कोई खास मतलब नहीं है। हमें मतलब तो सिर्फ काल्पनिक दुनिया से है। जहां पर हम सबकुछ बिना मेहनत के पा लेगें। मुफ़्त के राशन तो मिला ही रहा है। कमाने (Earn) की क्या जरुरत है ? फिर चाहे हमारे मां बाप पर हम एक तरह का आर्थिक बोझ क्यों न बन जाएं। जो पढ़ लिखा होने के बावजूद रोजगार नहीं ले पा रहा है। जो अब भी मां बाप के सहारे अपना जीवन गुजार रहा है। इससे कोई खास मतलब थोड़ी न है। रोजगार जो आज भी देश का मुद्दा नहीं है इसे देश का दुर्भाग्य कहें या खुशकिस्मती पर सच्चाई तो ...
वो बात जो जरूरी है