माँ जिसको फिक्र अपने से ज्यादा बच्चों की होती है जो मसीहा बनकर अपने बच्चों की रक्षा करती है ∣ जो अपने बारे में कम परिवार के बारें में ज्यादा सोचती है जिसके लिए अपनी खुशियों से ज्यादा अपनों की खुशियां ज्यादा महत्वपूर्ण होती है ∣ एक दिन भी अगर बीमार हम पड़ जाए तो सबसे ज्यादा परेशान वो ही तो होती है ∣ हमें लगता है कि बात बात पर वो हमें कितना समझती है हमें बेमतलब ही क्यों डांट लगती है ∣ एक माँ ही जानती है कि उसके बच्चों के लिए सही क्या है और गलत क्या है ∣ बड़े खुशनसीब वो लोग होते हैं जिनकी माँ होती है वरना कितने ऐसे लोग होते हैं जिनकी माँ उन्हें देखने तक को नसीब नहीं होती है ∣ माँ है तो उसकी कद्र करें उसके होने से ही हमारी दुनिया होती है ∣ वो माँ ही तो होती है जो हंसते हंसते अपने सारे गम सह लेती है पर जब बात उसके बच्चों की आए तो सारी दुनिया से लड़ जाती है ∣ आज भी जब चोट हमें लगती है तो सबसे पहले हमें याद अपनी माँ की ही तो आती है ∣ वो माँ होती है जिसके होने से हमारी दुनिया होती है ∣
वो बात जो जरूरी है