जीवन (life) का कड़वा सच यहीं हैं कि जब वो हमें अच्छी लगने लगती है ∣ तब ही एक दम से हमें झटके से लगते हैं ∣ जो हमारी सोच (Think) के बिल्कुल उल्ट होते हैं। जिसे स्वीकार करना मुश्किल (Difficult) सा होता है ∣ जब उसके बारे में हमने बिल्कुल न सोचा हो। एक समय के लिए हमें लगता है कि ये सब हम कैसे सहन कर पाएंगे, लेकिन जैसे जैसे हम जिंदगी में आगे बढ़ते हैं ∣ हम अपना बहुत कुछ पीछे छोड़ चलते हैं ∣ जहां जीवन के एक अलग रूप को हम समझते हैं ∣ बहुत कुछ होता है इस बीच हमारी जिंदगी में जिसके चलते हम मौन धारण कर आगे चलने लगते है∣ जब जिंदगी के हर उस सच को स्वीकार करने की हिम्मत कर लेते हैं जो हमारे लिए बहुत मुश्किल है ∣ तब हम बदलने से लगते हैं। इस बीच हम जैसे खुद को एक अलग रूप में देखते है ∣
वो बात जो जरूरी है