साहित्य क्या करता है,क्या करती है? उसकी कलाएँ निर्मल वर्मा का यहाँ निबंध हमें कला के महत्व को बताता है । कि किताब के होते तो काले काले शब्द है किन्तु व़ो हमें लगातार पढ़ने को विवश करती है । यहीं तो साहित्य और उसकी कलाएँ जब हम उसे पढ़ते हैं तो हम उस वक्त अपने जीवन में आयी हर परेशानी को भूलकर केवल उसे लगातार पढ़ते जाते हैं। ये वही कला है ज़ो मनुष्य को भीड़ से अलग बनाती है आज विश्व कला दिवस है जिसका उद्देश्य कला को बढ़ावा देना है साथ ही इसका महत्व हमारे जीवन में कितना है उसे बतलाना है। इस दिन कला के विषय पर सगोष्टी भी और सेमिनार भी किया जाता है। जीवन को बेहतर ढंग से जीना भी एक कला है जो हर किसी के पास नहीं होती लिखने की कला का क्या कहना लिखने वाला भले हमारे बीच में भौतिक रूप में मौजूद न हो किन्तु इसकी लेखन की कला के चलते वो लेखक पाठकों के दिल में हमेशा जिंदा रहते हैं। लिखना क्या आसान होता है? क्या कुछ ऐसे ही लिखा जाता है, नहीं बोलने की कला में माहिर लोग अक्सर बहुत नाम कमाते हैं जो लोग भले हमारे बीच न रहे एक समय के बाद किन्तु उनके अल्फाज हम...
वो बात जो जरूरी है