इसे राजनीति का गिरता हुआ स्तर कहें या उसका खोखलापन किन्तु आज की सच्चाई यहीं है। कि लोकसभा चुनाव में राजनीति पार्टियां मूल विषय को छोड़ उन विषय का सहारा ले रही है। जिनका देश के विकास से कोई मतलब ही नहीं है। आज जहां देश में अनेक तरह की परेशानी घर कर रही है। आम जन को उनकी मूलभूत चीजें नहीं मिल रही है। युवा बेरोजगार के चलते तनाव में जी रहे है। किसान मौसम की मार सह रहे है। अमीरों गरीबों में खायी लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद आज देश में बात इस चीज की हो रही है। कि वो शादी शुदा होने के बावजूद मंगलसूत्र क्यों नहीं पहनती है? इसके पीछे की वजह जो भी हो। किन्तु इस विषय को सत्ताधारी सरकार के द्वारा तूल देकर, इसका जवाब देने के चक्कर में बाकी सभी विषयों को भूल जाना बिल्कुल सहीं नहीं है। जिसके लिए आम जन से लेकर राजनीतिक पार्टी दोनों जिम्मेदार है। जो ऐसी बकवास बातों को सुन रही है। फिर भले क्यों वो राशन की लगी लंबी दुकानों से मायूस होकर लौटे। मूल विषय से हटकर सादियों पहले की गलती पर प्रश्न करना कतई सही नहीं है। आज राजनीति का गिरता स्तर कहीं न कहीं हमारे सोचने की...
वो बात जो जरूरी है