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Showing posts from July 1, 2020

विचार

आज के समय  में  हम सभी को समय बहुत ज्यादा लगने लगा है. किन्तु ये सिर्फ थोड़े ही दिनों की बात है उसके बाद हमें यही समय कम लगने लगेगा . और फिर लोग कहेगें कि कितनी जल्दी समय निकल गया. जैसे कि आज एक  1 जुलाई है जिसे कैसे भूला जा सकता है मुझें अच्छी तरह से याद है पिछली बार में इस तरीका को यूनिवर्सिटी गयी थी. आज जब मैं उस दिन को याद करती हूँ तो लगता है जैसे कल की तो ही बात थी. समय एक ऐसी चीज है जो एक बार चल जाता है तो कभी वापस नहीं आता है इसलिए कहते हैं कल करे सो आज कर, आज करे सो अब पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब.  जिसका अर्थ कुछ इस तरह  है कि हमें किसी भी काम को कल पर नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि कल किसी ने नहीं देखा. इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि हम क ई बार कोई महत्वपूर्ण काम को जब कल पर छोड़ते है तो वो आने वाला कल हमें उस काम को करने का समय नहीं देता तब हमारे हाथ केवल पछतावा ही लगता है. " Time once lost is never found again ".

पुरूष प्रधान समाज से प्रश्न पूछती है

थप्पड़ मूवी अक्सर हम ये देखते आऐ   हैं कि बचपन से ही लड़की को  ये सीखाया जाता है कि वो लड़की है उसे   सब की बात सुनी होगी .  थप्पड़ मूवी एक ऐसा सवाल हम सब से पूछती है जिस पर हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया.. १.क्या सबके गुस्सा उतारने के लिए ही एक स्त्री  ही है ? २.क्या उसका कोई सम्मान नहीं है? " समकालीन समय में भले ही आज लोगों का ये सोचते हैं कि लड़कियां और महिलाएं पहले के मुताबिक ज्यादा स्वतंत्रता है और उन्हें हर तरह से आजादी है पर आज भी ये ' थप्पड़ न जाने कितनी लड़कियों और महिलाएं को जड़ दिया जाता है जैसे वो उनकी गुलाम है, याद रखिये मेरी इस बात का की गुस्सा केवल  लड़कों को ही नहीं आता गुस्सा लड़कियों को भी आता है लेकिन वे अपना गुस्सा नियत्रिंत  कर लेती है ये गुण इस पुरुष प्रधान समाज को स्त्री जाति से सीखना चाहिए." ** हर लड़की को बचपन से ही  खुद का सम्मान करना चाहिए  जब वो खुद का सम्मान करेगी तभी कोई दूसरा उसका सम्मान करेगा.**