एक सोनम के आ जाने से नहीं मौन रखा जा सकता महिलाओं के खिलाफ होते अपराधों कभी रेप, कभी हत्या कभी उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाता आकड़ों को देखों तो मालूम चलता महिलाओं के साथ आज भी कितना गलत हो रहा जो लोग कहते लड़कियां घर की चारदीवारी तोड़ बाहर जा रही इसलिए ये सब क्राइम हो रहा उन्हें देखने की जरूरत की महिला का कोई नहीं अपना होता कभी दहेज की लालसा में कभी दहेज प्रताड़ना में कभी बेटी होने की सजा उसे केवल मार दिया जाता।
वो बात जो जरूरी है