Skip to main content

Posts

Showing posts from December 25, 2022

फिर भी हम कहते हैं कि

जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं आज है जो कल मिलेगा नहीं  समय जो आज हमारे लिए है कल रहेगा की नहीं?  जो दिन आज है वो कल नहीं होगा दो दिन की जिंदगी है उसमें एक हमारा आज तो एक कल होगा तब भी हम अहम करें  खुद की काबिलियत और पेसे का तो इस दुनिया में हम से ज्यादा मूर्ख भला क्या कोई होगा  ?   दो दिन की जिंदगी है उसमें भी हम एक दूसरे से ईष्या करें तो भला उसमें क्या कुु छ खास होगा?