जिंदगी का कोई ठिकाना नहींआज है जो कल मिलेगा नहींसमय जो आज हमारे लिए हैकल रहेगा की नहीं?जो दिन आज है वो कल नहीं होगादो दिन की जिंदगी हैउसमें एक हमारा आज तो एक कल होगातब भी हम अहम करेंखुद की काबिलियत और पेसे कातो इस दुनिया मेंहम से ज्यादा मूर्खभला क्या कोई होगा ?
दो दिन की जिंदगी है उसमें भी हम एक दूसरे से ईष्या करें तो भला उसमें क्या कुु छ खास होगा?
Comments