स्वा स्थ्य एक ऐसा गहना है जिसकी अहमियत इंसान को अक्सर उसे खोने के बाद ही मालूम चलती है ∣ जब वो इंसान अपने अस्तित्व को बनाएं रखने के लिए खुद को ही गवां बैठता है ∣ तब उसे इसका अहसास होता है। उसकी हालात पहले से ज्यादा खराब हो चुकी है ∣ वो धीरे -धीरे कमजोर होने लगा है। इसलिए कहा गया है कि 'स्वास्थ्य शरीर में ही स्वास्थ्य मस्तिष्क निवास करता है ∣ उसे किसी भी कीमत पर अपने स्वास्थ्य को बनाएं रखना होता है। तब जाकर व्यक्ति सफलता को बेहतर ढंग से पा सकता है ∣ उसे चाहे कुछ भी हो जाएं अपने स्वास्थ्य को नहीं खराब होने देना चाहिए।
वो बात जो जरूरी है