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Showing posts from March 23, 2020

आज मौसम बड़ा

" आज मौसम बड़ा बेमान  है आने वाला कोई तूफान है आज मौसम " मौसम कभी सुहाना होता तो कभी बेगाना होता है लेकिन आज हमारे द्वारा की जा रही मौसम के प्रति लापरवाही उसे कही अधिक खराब बना रही है. हर किसी को अच्छा मौसम पसंद होता है कही भी किसी के जाने का प्लान हो तो पहले वो मौसम को देखता है फिर अपनी योजना बनता है हम घूमने के लिए तो अच्छा मौसम और साफ सुथरा वातावरण चाहिए लेकिन उस मौसम के लिए हम अपनी कोई भी जिम्मेदारी नहीं निभाते जब मौसम ॠतु के अनुसार न होकर उसके विपरीत हो जाता है तब हम कहते हैं कि इस बरसात के मौसम ने तो नाक में दम कर दिया जबकि इसके जिम्मेदारा कही न कही हम ही होते हैं आज पड़ोसी के घर जो चीजे है वो हमारे घर भी हो ये बहुत जरूरी माना जाता है . लेकिन जब कोई व्यक्ति प्रकृति के लिए कोई नेक काम करता है तो हमें वो मूर्ख सा लगता है आज हमारी हालात मौसम को देखते हुए " मेरे नैना सावन भादों , फिर भी मेरा मन प्यास " सी हो रही है. Today world meteorological Day Theme   2020 " Climate and water " ...

कोरोना का कहर

कोरोना वायरस  का कहर पूरे देश में फैला रहा है कई राज्यों में 31 मार्च तक लोक डाउन किया गया. जिसमें देश की राजधानी दिल्ली भी शामिल हैं. अब   ध्यान   देने  वाली बात ये है कि इस समय हम सब का क्या कर्तव्य है  " इस  समय सरकार के साथ साथ हमारा भी ये कर्तव्य बनता है कि हमें अपने घर से बहुत महत्वपूर्ण कार्य के लिए ही निकले. और अगर हमारे आस पास   मिला रहे लोग जो हमें किसी भी कोरोना वायरस के लक्षण से गस्रित दिख रहें हैं उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती करे. ‌ अब समय आ गया है कि हम सब अपने कर्तव्य का पालन पूर्ण एकनिष्ट से करे " क्योंकि बचाव इसका इलाज है ". अमेरिका जैसा देश जो 9/11 बाद अब तीन दिन के लिए लाकडाउन  हो गया है.

‌हमेशा पढ़ते रहने की जरूरत है

‌ आज जब तकनीक ने अपने कदम  बहुत अच्छे से जमा लिए है वैश्विक कारण अपने ऊंच स्तर पर पहूंच गया है तब हमें बहुत जरूरी है कि हम दूसरे को शिक्षित करने के लिए पहले खुद शिक्षित हो मैंने अग्नि की उड़ान में पढ़ा था जो मुझे बहुत सही लगा कि एक कमजोर विधार्थी को एक अधिक जानने वाला टीचर कम सीखा पाऐगा  लेकिन एक अधिक जाने वाला विधार्थी एक शिक्षक हो अधिक सीख पाऐगा. हमेशा हमें कुछ नया सीखने की लालसा होनी चाहिए क्योंकि चीजों समय के अनुसार बहुत जल्दी बदल रही है और अगर हमें आने वाले समय में खुद की पकड़ मजबूत करना है तो हमें किसी भी एक विशेष विषय और एक क्षेत्र में पकड़ा मजबूत करनी होगी दूसरे से तुलना न करके खुद की विशेज्ञता या गुण को अपना हथियार बना होगा. आज दो महत्वपूर्ण चीजे है पहली आज ही के दिन भगत सिंह और सुखदेव को फांसी मिली थी जिन्हें  एक स्लोगन दिया था " इकंलाब जिन्दाबाद स्वराज्य बाद मुरदाबाद". दूसरा आज समाजशास्त्री  राजनेता  डा.राम मनोहर लोहिया  जन्मतिथि है मैंने लोहिया जी ज्यादा तो नहीं पढ़ा है लेकिन जितना पढ़ा उतने में ये तो कही ही सकती हूँ उनकी लेखन...