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Showing posts from March 9, 2024

Sunday: एक समय बाद जब संडे के मायने बदल जाते है

  किसी ने सच ही कहा है कीमत हर चीज की उसे खोने के बाद ही मालूम चलती है उसे पहले तो उसकी कीमत बेमोल ही लगती है ∣ जो चीज मुफ्त होती उसकी जब कीमत लगने लगे तब वो बेशकीमती हो जाती है ∣ संडे ही ले लो पहले जो कोई खास मायने नहीं रखता था जॉब के बाद उसका रास्ता हर कोई बड़े शिद्दत के साथ देखता है ये संडे ही तो इंसान को जैसे खुद के होने का अहसास करता है जहां उसे मालूम चलता है उसके कोई शौक और जिंदगी है ।  रेत की तरह बाकी दिन तो जैसे उसके हाथ से निकल जाता है ∣