आज हम सब ने एक नया कीर्तिमान हासिल कर लिया है अब चीन की जगह आबादी के मामले में हम पहले स्थान पर आ गए हैं ∣ बेशक इसके लिए हम सब बधाई के पात्र है आखिर किसी न किसी चीज के लिए हमने चीन को पीछे छोड़ दिया है। केवल दिलासा देने के लिए ये बात ठीक भी लगती है किन्तु जब देश में गरीबी, भुखमरी, पीने के पानी , भोजन की अपहुंच को देखते हैं ∣ तब सारी बातें झूठ सी प्रतीत होती है। आओं तुम्हें एक आइना दिखाती हूं इस बड़ी आबादी का *हाल ही में मध्यप्रदेश में हुए पटवारी की परीक्षा में लाखों आवेदन पर किए जाते हैं पर अफ़सोस उसमें केवल 8000 हजार पोस्ट होती है। *भले ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का सरकार बड़ा विज्ञापन करती है पर आज भी बेटे की चाहत में न जाने कितनी बेटियां यू ही पैदा होती है जो आगे आने वक्त में ठीक से भोजन भी ले पाएगी कि नहीं। इसकी चिंता कहां उनके माँ बाप को होती है। *वो पीएचडी कर चुके व्यक्ति की नौकरी भी सामान्य लोगों की तरह ही होती है बस नाम लगा जाता है डॉक्टर इतनी बड़ी आबादी कहां उसे कोई दर्जा देने की फुरसत होती है। *जन जागरूकत...
वो बात जो जरूरी है