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Showing posts from December 9, 2022

सरोज वेंकट श्याम

रंगों के जरिए प्रकृति की बारीकियों को बताती हैं सरोज वेंकट श्याम  कहते हैं कला का मतलब उसकी अभिव्यक्ति होता है ∣ कला मतलब जीवन, कला मतलब साधना होता है ∣ ये कला ही तो होती है जो हमें एक पल के लिए सबकुछ भूलाकर एक अलग दुनिया में प्रवेश कर देती है ∣ इसी कला के जरिए  आज मध्यप्रदेश की गोण्ड चित्रकार सरोज वेंकट श्याम देश विदेश में अपनी पहचान बना रही है∣   ∣ अपने साथ वो अपने आस पास की महिलाओं को भी चित्रकारी सिखा उन्हें एक नयी पहचान दिला रही है ∣  वो कहती है कि मैंने बचपन से ही प्रकृति में हो रहे बदलावों को नजदीक से देख है ∣ इसके चलते में प्रकृति से जुड़े हुए चित्र को बनाती हूं मेरे लिए प्रकृति ही सबसे बड़ी है जिसने हमें खाने को भोजन रहने को घर और ये सुंदर वातावरण दिया ∣ रंगों के माध्यम से मैं प्रकृति की बारीकियों को बताने की कोशिश करती हूं ∣ इसके लिए मैं केवल चार से पांच रंग का उपयोग करती हूं   ∣ मैं ज्यादातर प्रकृति और मिथकों पर चित्र बनाती हूं जिसमें प्रकृति को बचाने का संदेश छिपा हुआ होता है∣  

कला और जीवन

कला महज एक शब्द नहीं बल्कि एक ऐसी चीज है जिसके दम पर इंसान अपनी पहचान बनाता है ∣ कुछ लोगों में लिखने की कला होती है कुछ में बोलने की कला तो कुछ लोगों में चित्रकारी की कला होती है ∣  ये कला ही तो है ∣ जो इंसान को अभिव्यक्ति का नया जरिया देती है ∣ वैसे तो हर इंसान में कोई न कोई कला जरूर होती है ∣ किन्तु उसे एक आयाम देने के लिए  व्यक्ति को उसमें बहुत मेहनत करनी होती है ∣ इस आशय से की वो अपनी कला के माध्यम से एक सुंदर अभिव्यक्ति कर सके ∣  कला मतलब जीवन कला मतलब साधना इसके बिना जीवन है अधूरा ये नहीं तो  सब कुछ है अधूरा कला मतलब जीवन ∣