रंगों के जरिए प्रकृति की बारीकियों को बताती हैं सरोज वेंकट श्याम
कहते हैं कला का मतलब उसकी अभिव्यक्ति होता है ∣ कला मतलब जीवन, कला मतलब साधना होता है ∣ ये कला ही तो होती है जो हमें एक पल के लिए सबकुछ भूलाकर एक अलग दुनिया में प्रवेश कर देती है ∣
इसी कला के जरिए आज मध्यप्रदेश की गोण्ड चित्रकार सरोज वेंकट श्याम देश विदेश में अपनी पहचान बना रही है∣ ∣ अपने साथ वो अपने आस पास की महिलाओं को भी चित्रकारी सिखा उन्हें एक नयी पहचान दिला रही है ∣
वो कहती है कि मैंने बचपन से ही प्रकृति में हो रहे बदलावों को नजदीक से देख है ∣ इसके चलते में प्रकृति से जुड़े हुए चित्र को बनाती हूं मेरे लिए प्रकृति ही सबसे बड़ी है जिसने हमें खाने को भोजन रहने को घर और ये सुंदर वातावरण दिया ∣
रंगों के माध्यम से मैं प्रकृति की बारीकियों को बताने की कोशिश करती हूं ∣ इसके लिए मैं केवल चार से पांच रंग का उपयोग करती हूं ∣
मैं ज्यादातर प्रकृति और मिथकों पर चित्र बनाती हूं जिसमें प्रकृति को बचाने का संदेश छिपा हुआ होता है∣





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