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सरोज वेंकट श्याम





रंगों के जरिए प्रकृति की बारीकियों को बताती हैं सरोज वेंकट श्याम 

कहते हैं कला का मतलब उसकी अभिव्यक्ति होता है ∣ कला मतलब जीवन, कला मतलब साधना होता है ∣ ये कला ही तो होती है जो हमें एक पल के लिए सबकुछ भूलाकर एक अलग दुनिया में प्रवेश कर देती है ∣

इसी कला के जरिए  आज मध्यप्रदेश की गोण्ड चित्रकार सरोज वेंकट श्याम देश विदेश में अपनी पहचान बना रही है∣  ∣ अपने साथ वो अपने आस पास की महिलाओं को भी चित्रकारी सिखा उन्हें एक नयी पहचान दिला रही है ∣ 
वो कहती है कि मैंने बचपन से ही प्रकृति में हो रहे बदलावों को नजदीक से देख है ∣ इसके चलते में प्रकृति से जुड़े हुए चित्र को बनाती हूं मेरे लिए प्रकृति ही सबसे बड़ी है जिसने हमें खाने को भोजन रहने को घर और ये सुंदर वातावरण दिया ∣
रंगों के माध्यम से मैं प्रकृति की बारीकियों को बताने की कोशिश करती हूं ∣ इसके लिए मैं केवल चार से पांच रंग का उपयोग करती हूं  ∣
मैं ज्यादातर प्रकृति और मिथकों पर चित्र बनाती हूं जिसमें प्रकृति को बचाने का संदेश छिपा हुआ होता है∣






 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..