Skip to main content

Posts

Showing posts from October 30, 2022

विचार

एक समय के बाद अपने ही नहीं पराए भी जवाब मांगने लगते हैं ∣ इम्तिहान की घड़ी में धैर्य और दुख की घड़ी में सहनशक्ति उतनी ही जरूरी है जितना की धरती को सूरज की रोशनी  ∣ कितनी अजीब बात है न अक्सर सब के बारे में सोचने वाले खुद के बारे में  ही नहीं सोच पाते हैं ∣ मुश्किल तब हो जाती है जब हम खुद ही नहीं समझ पाते हैं कि हमें आगे क्या करना है?  मोहब्बत और इजहार दोनों की अपनी एक अलग परिणति है ∣