जिस तरह बिना धूप में निकले गर्मी का एहसास नहीं हो सकता ठीक उसी तरह बिना अनुभव लिए संघर्ष का मतलब नहीं समझा जा सकता है। इंसान केवल अपने ज्ञान से ही नहीं बल्कि अपने बोलने के तरीके से भी जाना जाता है कि वो किस तरह से लोगों से बात करता है।
वो बात जो जरूरी है