पुस्तक का नाम *संस्कृति के चार अध्याय लेखक रामधारी सिंह दिनकर भाषा हिन्दी पुस्तक का परिचय संस्कृति के चार अध्याय रामधारी सिंह दिनकर की किताब है । जिसमें चार भागों मे भारत की संस्कृति और सभ्यता के विकास के बारें में विस्तार से बताया गया है । जैसे जैसे हम इस किताब को पढ़ते हैं हमारे वो सारे प्रश्न के उत्तर हमें मिल जाते हैं जिनको लेकर हमारे मन में बहुत सी जिज्ञासा है । जैसे भारत में सबसे पहले किस धर्म की स्थापना हुई, भारत में इस्लाम धर्म का आगमन कैसे हुआ, बौद्ध और जैन धर्म में क्या असमानता हैं । इसके अलावा वेद और उपनिषदों की रचना किस तरह से हुई, भारत में कौन सी चीज ऐसी है जिसे पूरे विश्व ने अपनाया है । पुतर्गाल से लेकर अंग्रेज तक के भारत में आगमन के भारत में होने वाले क्या परिवर्तन है जो आज भी जस के तस है । आर्यों ने जाति व्यवस्था क्यों बनायी, इस्लाम के भारत में आने पर भारतीय जनता का इस पर क्या असर हुआ । ये किताब भारत के बारे में वो सभी जानकारी तथ्यों के साथ हमारे सामने रख देती है जिसको लेकर हमारे मन में अनेक शंकाएं उत्पन्न हैं । भाषा इसकी भाषा अत्यंत ...
वो बात जो जरूरी है