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Showing posts from January 28, 2022

भारत की विरासत को बताती है संस्कृति के चार अध्याय

  पुस्तक का नाम *संस्कृति के चार अध्याय लेखक रामधारी सिंह दिनकर भाषा हिन्दी  पुस्तक का परिचय संस्कृति के चार अध्याय रामधारी सिंह दिनकर की किताब है ।  जिसमें चार भागों मे भारत की संस्कृति और सभ्यता के विकास के बारें में विस्तार से बताया गया है । जैसे जैसे हम इस किताब को पढ़ते  हैं हमारे वो सारे प्रश्न के उत्तर हमें मिल जाते हैं जिनको लेकर हमारे मन में बहुत सी जिज्ञासा है । जैसे भारत में सबसे पहले किस धर्म की स्थापना हुई, भारत में इस्लाम धर्म का आगमन कैसे हुआ, बौद्ध और जैन धर्म में क्या असमानता हैं । इसके अलावा वेद और उपनिषदों की रचना किस तरह से हुई, भारत में कौन सी चीज ऐसी है जिसे पूरे विश्व ने अपनाया है । पुतर्गाल से लेकर अंग्रेज तक के भारत में आगमन के भारत में होने वाले क्या परिवर्तन है जो आज भी जस के तस है । आर्यों ने जाति व्यवस्था क्यों बनायी, इस्लाम के भारत में आने पर भारतीय जनता का इस पर क्या असर हुआ  । ये किताब भारत के बारे में वो सभी जानकारी तथ्यों के साथ हमारे सामने रख देती है जिसको लेकर हमारे मन में अनेक  शंकाएं उत्पन्न हैं । भाषा इसकी भाषा अत्यंत ...

जिंदगी में यही चीज हम सब को सबसे अलग बनाती है

हम सब इस दुनिया में एक उद्देश्य से आते हैं जिसमें हमारा उद्देश्य खुद की पहचान बनाना होता है । इस बीच शुरू होती जंग एक अपने आप से, तो दूसरी इस दुनिया के विचार से जहां पर लोग कहते हैं ।  कि तुम ये नहीं कर पाओगे तुम्हारे लिए तो ये चीज बनी ही नहीं है । ऐसे में अक्सर हम खुद से सवाल करने लगते हैं क्या हम इस चीज के लायक नहीं जिसके सपने हम अपनी आंखों में लिए हर मुश्किल का सामना करते जा रहे हैं । इस जगह पर आकर जीत हमारे फैसले पर निर्भर करती है अगर हम खुद को उस लायक बनाते हैं ।  तो हम देर से ही सही जीत जाते हैं और अगर दूसरे के विचारों से हम चलते हैं तो हम हार जाते हैं । अक्सर जीत हमारी मेहनत से ज्यादा हमारे फैसले पर निर्भर करती है  ।