हम सब इस दुनिया में एक उद्देश्य से आते हैं जिसमें हमारा उद्देश्य खुद की पहचान बनाना होता है ।
इस बीच शुरू होती जंग एक अपने आप से, तो दूसरी इस दुनिया के विचार से जहां पर लोग कहते हैं। कि तुम ये नहीं कर पाओगे तुम्हारे लिए तो ये चीज बनी ही नहीं है।
ऐसे में अक्सर हम खुद से सवाल करने लगते हैं क्या हम इस चीज के लायक नहीं जिसके सपने हम अपनी आंखों में लिए हर मुश्किल का सामना करते जा रहे हैं।
इस जगह पर आकर जीत हमारे फैसले पर निर्भर करती है अगर हम खुद को उस लायक बनाते हैं। तो हम देर से ही सही जीत जाते हैं और अगर दूसरे के विचारों से हम चलते हैं तो हम हार जाते हैं ।
अक्सर जीत हमारी मेहनत से ज्यादा हमारे फैसले पर निर्भर करती है ।
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