Ram: आज जब मर्यादा की सारी सीमाएं पार हो रही है। जहां इंसान अपनों का ही संगा नहीं है। उसमें इंसानियत खत्म सी हो चुकी है। ऐसे समय में जब बात मर्यादा पुरूषोतम राम की आती है। तब विचार करना जरुरी हो जाता है। कि क्या वास्तव में आज हमारे बीच उनका आदर्श है? क्या हम राम को सच में जानते है? क्या हमने सच से मुंह फेर लिया है? तो चलिए इस रामनवमी ...आज हम बात करते है राम के उन गुणों के बारें में... जिनकी महत्ता आज और भी ज्यादा हो गयी है... त्याग की भावना का लोप आज हम उस जगह पर खड़े है। जहां हमारी दुनिया हम से शुरु होकर हम पर ही खत्म हो जाती है। हमें अपने अलावा कोई ओर नजर ही नहीं आता है। कई बार तो नौबात यहां तक आ जाती है। कि हम अपनों से ही चालाकियां करने में बाज नहीं आते है। त्याग जैसा आज कुछ भी शेष नहीं है। जहां हम ही क्यों इतना कष्ट झेले, की भावना के चलते बने बनाये रिश्ते टूट रहे है। बिना एक पल भी ये सोचे...अगर वो हमारे लिए इतना संघर्ष न करते, तब हमारा जीवन आज कितना कष्टदायक होता। ऐसे समय में आज राम के त्याग की भावना को दिल में सजोएं, आगे चलने की जरुरत है। अहम की भावना आज हम इंस...
वो बात जो जरूरी है