जब जब लगता है न कि हम दुनियादारी को समझ गये तब तब वो हमें एक न एक ऐसा पाठ जरूर पढ़ाती है जो हमें बता देता है कि हम अब भी कितने ज्यादा नासमझ है।। जो जैसा दिखता है उस को सच मान लेते हैं जबकि दुनिया ऐसी होती नहीं।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है