आज हम जहां एक ओर आधुनिकता की ओर प्रवेश कर रहे हैं ∣ वही दूसरी तरफ आज हम में धीरे धीरे संवेदना खत्म सी हो रही है ∣ जो हमें संवेदनहीनता की ओर ले जा रही है ∣ वैसे तो हमारे समाज में अच्छी बुरी दोनों घटनाएं होती है ∣ जिनसे हम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते है ∣ इसमें कुछ घटनाएं तो ऐसी होती है जो हमें यकीन करने में मुश्किल होती है कि कोई इंसान ये भी कर सकता है उसकी मजबूरी इस हद तक हो सकती है कि वो अपने दिल के टुकड़े को इस तरह से छोड़ दे, वो भी ऐसी जगह जहां से वापस आना लगभग मुश्किल है. ताजा मामला ग्वालियर के शिवपुरी जिले के पोहरी तहसील के सरजापुर गाँव का है ∣ जहां पर एक दिन का बच्चा एक गड्ढे में मिला ∣ जिसके ऊपर से पत्थर और कंटिली झाड़ियां रखा दी गयी थी उसके नजदीक ही मवेशी चरा रहे किसान ने जब बच्चे की रोने की आवाज सुनी तब वो वहां जाकर ढूढ़ने लगा , जहां उसे पत्थर और झाड़ियों के बीच मिट्टी में दबा नवजात शिशु मिला . जो की अब सुरक्षित है ∣ किसान ने...
वो बात जो जरूरी है