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मानवता को शर्मसार करने वाली घटना

 


आज हम जहां एक ओर  आधुनिकता की ओर प्रवेश कर रहे हैं ∣ वही दूसरी तरफ आज हम में धीरे धीरे संवेदना खत्म सी हो रही है ∣ जो हमें  संवेदनहीनता की ओर ले जा  रही है ∣

वैसे तो हमारे समाज में अच्छी बुरी दोनों घटनाएं होती  है ∣ जिनसे हम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते है ∣  इसमें कुछ घटनाएं तो ऐसी होती है जो हमें यकीन करने में मुश्किल होती है कि कोई इंसान ये भी कर सकता है उसकी मजबूरी इस हद तक हो सकती है कि वो 

अपने दिल के टुकड़े को इस तरह से छोड़ दे, वो भी ऐसी जगह जहां से वापस आना लगभग मुश्किल है.

ताजा मामला ग्वालियर के शिवपुरी  जिले के पोहरी तहसील के सरजापुर गाँव का  है ∣ जहां पर एक दिन का बच्चा एक गड्ढे में मिला ∣ जिसके ऊपर से पत्थर और कंटिली झाड़ियां  रखा दी गयी थी उसके नजदीक ही मवेशी चरा रहे किसान ने जब  बच्चे की रोने की आवाज सुनी तब वो वहां जाकर ढूढ़ने लगा , जहां  उसे पत्थर और   झाड़ियों  के बीच  मिट्टी में दबा  नवजात शिशु मिला . 


 जो की अब सुरक्षित है ∣ किसान ने  इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी है,फिलहाल वो बच्चा शिवपुरी के जिला अस्पताल के एस एनसीपी में भर्ती है ∣

"ये घटना अपने साथ बहुत सारे सवाल छोड़ती है कि क्या आज सच में हमारी संवेदना खत्म सी हो रही है या एक माँ कि मजबूरियां इतनी बढ़ रही कि उसके सामने माँ की ममता की कीमत कुछ भी नहीं है, ये वही माँ जो अपने से ज्यादा अपने बच्चों की फ्रिक में लगी हुई रहती है अपने लिए थोड़ा कम ही पर अपने बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करने की ताकत रखती है ".




 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..