Skip to main content

Posts

Showing posts from November 27, 2020

कहाँ है तु

आज जहाँ एक तरफ भारत का किसान जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है जिसे भारत का अन्नदाता कहा जाता है आज उसके सामने जो नियम कानून लाए जा रहे हैं वो उसकी फसल के वास्तविक मूल्य की तुलना में ' ऊंट के मुंह जीरा' समान है जिसका वो विरोध कर रहे हैं किन्तु ये बड़ी दुर्भाग्य की बात है कि टी वी चैनल से लेकर अखबार तक में उसकी खबरें नाममात्र की है. लोकतंत्र लोग के द्वारा लोगों के लिए बनाया गया शासन जिसे लोकतंत्र कहते हैं आज वो खत्म सा होता दिखाई दे रहा है. आज समकालीन समय में फोन खोलने से लेकर सोशल मीडिया प्लेट फार्म को देखकर लगता है कि देश में सबकुछ अच्छा है जबकि परिस्थितियां इस से भिन्न है .