Skip to main content

Posts

Showing posts from February 24, 2021

मर्यादा मत तोड़ो

अखबार हो या खबर देखने के लिए टीवी ज्यादातर हमें ऐसी की खबर देखने को मिलती है जिसे देखकर हम ये सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि आज सच में क्या मनुष्य में नैतिकता खत्म हो जा रही है  या वो कभी थी ही नहीं अगर हम भारतीय साहित्य को उठाकर देखे तो हम पाएंगे जब जब मर्यादा टूटी है तब तब प्रलय आयी है  जिसकी कीमत एक स्त्री ने चुकायी है भले वो द्वापरयुग में आयी दुर्योधन जो बदला लेना चाहता था पांडवा पुत्र से किन्तु शतरंज के खेल में युधिष्ठिर की बोली लगाने को विवश करने से लेकर द्रोपदी के वस्त्र हरण तक मर्यादा की बात की गयी है महाभारत में युद्ध का कारण भले ही राज्य साम्राज्य को लेने के लिए हुआ जैसा प्रतीत हुआ हो किंतु उसका तत्कालीन कारण द्रौपदी के वस्त्र हरण था. जब मर्यादा टूटी तब तब युद्ध हुए. धर्मवीर भारती का लिखा हुआ अंधा युग में एक कविता की पंक्ति हम सब पाठकों को मर्यादा की वास्तविकता बताती है जो वो कहते हैं " मर्यादा मत तोड़ो तोड़ी हुई मर्यादा  कुचले हुए अजगर सी तुम को कुचल कर रख देगी".