कहने का तरीका होता है कोई सिर्फ बात बात पर गली कोई दुआ देता है। जरूरी नहीं किसी की बदतमीजी का उत्तर बदतमीज़ी में ही दिया जाए ।क ई बार कुछ न कहकर भी बहुत कुछ कह दिया जाता है। संघर्ष की परिभाषा पैसा कमाने के साथ बदल जाती है। जीतने के लिए कई बार हर उस चुनौती से टकराना पड़ता है जो परिस्थितियां हमें दर्द के अलावा और कुछ नहीं देती है।
वो बात जो जरूरी है