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Women against Crime related Poem in Hindi




एक सोनम के आ जाने से
नहीं मौन रखा जा सकता 
महिलाओं के खिलाफ होते 
अपराधों
कभी रेप, कभी हत्या कभी उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाता
आकड़ों को देखों तो मालूम चलता
महिलाओं के साथ आज भी कितना  गलत हो रहा 
जो लोग कहते लड़कियां घर की चारदीवारी तोड़ बाहर जा रही
इसलिए ये सब क्राइम हो रहा
उन्हें देखने की जरूरत 
की महिला का कोई नहीं अपना होता
कभी दहेज की लालसा में
कभी दहेज प्रताड़ना में
कभी बेटी होने की सजा
उसे केवल मार दिया जाता। 



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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..