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2023 से ये सीख लेना तुम



'नया साल' जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है ∣ कितनी उम्मीदों को समेटे ये साल हमारे करीब आता है ∣
जहां इंसान अपने लिए कुछ अच्छे -बुरे फैसले लेने की कोशिश कर पाता है ∣ 

जहां ये इंसान कभी टूटता तो कभी जुड़ सा जाता है ∣
एक अलग सा रिश्ता होता है इन दोनों के बीच जहां हर दिन वो उसे याद दिलाता है कि क्या हुआ, आज का दिन ठीक न रहा। कल कुछ बेहतर मिलेगा। 
इस उम्मीद के साथ टूटा हुआ इंसान भी जुड़ने की कोशिश में लग जाता है ∣

"आसान नहीं होता है क ई बार लगातार टूटते हुए जुड़ते जाना। इसके बावजूद जब वो इंसान आगे बढ़ता है ∣ तब वो बदल सा जाता है ∣"

समय के साथ परेशानी से घबराना छोड़ , 
सफलता और असफलता के बीच वो गिरकर चलना सीख ही जाता है ∣
इस बीच नए रिश्तों में कभी बंधता तो कभी पीछे छोड़ आगे निकल जाता है ∣
कई बार उसे खुद नहीं मालूम चलता है ∣ कि खुद से आगे निकलने के चलते वो अक्सर अपनी खुशियां को भी कहीं पीछे छोड़ आता है ∣
कहने को तो वो भीड़ के बीच रहता है वो किन्तु भीड़ में भी तब वो अकेला हो जाता है ∣ 
जब वो फैसला खुद के लिए लेता है ∣
खुली किताब सा होता है उसका मन साल की शुरुआत में साल खत्म होने तक वो बहुत कुछ उन खाली पड़े पन्नों में लिख ही डालता है ∣
कुछ अनुभव , कुछ तकलीफें कुछ सूना पन जैसे उसे कई बार कुछ अलग सा सिखाता है 
समय के साथ इंसान बदल सा जाता है ∣ कई बार परिस्थितियों के चलते वो बदल सा जाता है ∣
कई बार चलने का मतलब सिर्फ आगे बढ़ना नहीं अपनों से पीछे छूटना भी होता है ∣ जैसे वो इंसान वक्त के साथ सीख जाता है। 
'2023 'जाते हुए जैसे हमें सिखाता है क्या हुआ मंजिल न मिली इस साल आने वाला फिर प्रयास होगा। क्या हुआ इस बार कई बार हारे हम पर फिर मजबूती के साथ आगे बढ़ेगें ये खुद से वादा रहा। 



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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..