जिंदगी मिलती तो सबको एक सी है फर्क सिर्फ इतना होता है कि लोग उसे कैसे जी रहे है कुछ इंसान ऐसे तो है जो कि कुछ पाने की चाह में दिन -रात लगे रहते हैं तो कईकेवल जिंदगी को जी रहे होते है।
जब मैं इसका जिक्र करती हूँ तो मेरे जहान में अंग्रेजी कविता की अंतिम पंक्ति याद आती है जिसमें लेखक आईना की तरह साफ शब्दों में कहता है" कि जो व्यक्ति अपने जीवन में जोखिम नहीं लेता है ,उसकी आजादी का हरण दूसरे लोगों के दूवारा कर लिया जाता है और इसके विपरीत जो लोग जोखिम लेते हैं वो उसमें सफलता हासिल कर पाऐं या न पर ऊंचाई तक जरुर पहूंचते है। "
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