भारत की खोज में नेहरू एक जगह पर कहते हैं
हिन्दुस्तान के लोग जब भारत से बाहर जाते हैं तो वो चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम उन्हें विदेश में 'हिन्दूस्तानी' ही कहा जाता है.
वो चाहे किसी भी राज्य में चले जाऐ उसे वहाँ अपनापन ही लगता है लेकिन इसके विपरीत अगर वो दूसरे देश में जाता है तो वो उसे पराया सा लगता है.
* मेरे सपनों का भारत वो है जहाँ पर हर गरीब व्यक्ति की जरूरत को पूरा किया जाता हो.*
" समकालीन समय में "भारत की खोज "इसलिए पढ़ना जरूरी है जिसे हम भारत को हर तरह से जाना सके फिर भले वो भारत की पवित्र नदियाँ गंगा, जमुना हो,भारत का मुगलकालीन इतिहास जिसमें बाबर से लेकर अकबर की मिसाले हो, यहाँ गणितज्ञ आर्यभट्ट, भास्कराचार्य की बात हो, यहाँ साहित्य में रवींद्र नाथ टैगोर हो, यहाँ गांधी के भारत आगमन आने की बात हो,सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास हो भारत को बारीकी से जाने के लिए भारत की खोज पढ़ना जरूरी है."

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