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बला की पैदाइश समझी जाने वाली लड़की की जात


आज भी जब बात लड़का और लड़की की आती है तो एक आवाज आती है अरे लड़का ही होगा ∣
ये आवाज कभी किसी घर तो कभी किसी समाज से आ रही होती है जो कि हमारे समाज के एक बड़े भाग प्रतिनिधित्व कर रही होती है ∣
 जो आज के युग में भी भले चाहे कितना भी आधुनिक बनने की कोशिश क्यों न करें किन्तु उनकी रूढ़िवादी  सोच मालूम ही चल जाती है ∣
अफसोस तो तब होता है जब उसका समर्थन खुद एक स्त्री करती है ∣ जो लड़के के इस दुनिया में आने का मतलब ही सबकुछ अच्छा होना समझती है ∣
आज भी हर घर में बैठी एक लड़की के मन में ये सवाल आत है काश मैं भी लड़का होती तो मेरे जन्म को भी अच्छा समझा जाता है ∣
सबकी जरुरत और सेहत का ध्यान रखने वाली का उस समय कोई अस्तित्व जैसे नहीं होता है ∣ लड़के को जरा सी चोट लगा जाएं तो सारा घर सिर पे उठ जाता हैं ∣ लड़की बीमार भी हो जाएं तो जैसे आम बात होती है ∣ ये सोच तब तक नहीं बदल सकती है ∣ जब तक खुद एक स्त्री खुद के जन्म को व्यर्थ मानती केवल लड़के के जन्म पर खुशियां बांटती रहेगी  ∣ 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..