corporate job poem in hindi on March 19, 2025 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps अब समझ आता है काम का मतलबजहां जाने का टाइम तो फिक्स होता हैपर आने का कोई नहीं टाइम नहीं होता हैजहां काम के घंटे तो बढ़ जाते पर कोई पद नहींजहां सैलरी में असमानता दिखाई देती हैजहां मन जैसा कुछ भी नहींकाम करना ही होता है। Comments
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