क्या होगी एक ऐसी सुबह

   

आज भी हमारे देश में कुछ ऐसे लोग है जिनके सपने तो बड़े है लेकिन उनकी पहुँच बहुत कम है जिसका एक कारण पैसा है तो दूसरा जानकारी का अभाव होना  .

आज हमें से ज्यादा लोग अपनी परेशानी को लेकर बैठे है हमें ये परेशानी है वो परेशानी है लेकिन क्या हमने सोचा ऐसे बच्चे के बारे में जो आज इस कोरोना महामारी में स्कूल से हमेशा के लिए दूर हो गया  है  जिसके  माता - पिता   मजदूरी करते हैं  

आज समकालीन समय में हमें इस विषय पर विचार करने की जरूरत है कि भले ही हमारे संविधान में हमें  मौलिक अधिकार में  अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा का अधिकार प्राप्त है लेकिन अफ़सोस आज भी क ई बच्चे इस से वंचित है.

"आज सभी स्टूडेंट को  खुद इतना बेहतर करने की जरूरत है कि हम ऐसे किसी एक बच्चे को पढ़ा सके.

क्योंकि शिक्षा का असली मतलब अच्छे से  अच्छे  ज्ञान को लेकर किसी वंचित वर्ग को देना है."

*क्या होगी एक ऐसी सुबह जब हर बच्चा पढ़ेगा *.

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