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अरे यायावर रहेगा याद


अज्ञेय
यात्रा वृत्त का मतलब के वल ये नहीं कि उसमें किसी यात्रा का वर्णन किया जाए  इसमें उस स्थान के वर्णन के साथ,  सामाजिक, आर्थिक महत्व और  उसका पौराणिक महत्व भी बताया जाता है   जिस स्थान का यात्रा वृत आप लिखा रहे हैं उसमें मुख्य रूप से ये बिन्दु पर बताना जरूरी है किस वाहन से वहाँ पर गये, किन अनजान लोगों से आपका परिचय हुआ उस यात्रा के दौरान क्या आप साथ ले गए. 
अभी तक इस पर क्या लिखा जा चुका है किसी अत्यंत दुर्गम स्थान का यात्रा वृत लिखा जाता है
इसे और सृजन शील बनने के लिए उस स्थान का चित्र भी प्रस्तुत किया जाएं तो सोने पर सुहागा होगा.

अज्ञेय द्वारा लिखित यात्रा वृत " अरे यायावर रहेगा याद " जिसमें आपको इसके लेखन के नए तरीके मिलेगे और सबसे महत्वपूर्ण है कि इसे लिखने लिए आपको एक अच्छा संस्मरण लेखक होना जरूरी है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..