अरे यायावर रहेगा याद


अज्ञेय
यात्रा वृत्त का मतलब के वल ये नहीं कि उसमें किसी यात्रा का वर्णन किया जाए  इसमें उस स्थान के वर्णन के साथ,  सामाजिक, आर्थिक महत्व और  उसका पौराणिक महत्व भी बताया जाता है   जिस स्थान का यात्रा वृत आप लिखा रहे हैं उसमें मुख्य रूप से ये बिन्दु पर बताना जरूरी है किस वाहन से वहाँ पर गये, किन अनजान लोगों से आपका परिचय हुआ उस यात्रा के दौरान क्या आप साथ ले गए. 
अभी तक इस पर क्या लिखा जा चुका है किसी अत्यंत दुर्गम स्थान का यात्रा वृत लिखा जाता है
इसे और सृजन शील बनने के लिए उस स्थान का चित्र भी प्रस्तुत किया जाएं तो सोने पर सुहागा होगा.

अज्ञेय द्वारा लिखित यात्रा वृत " अरे यायावर रहेगा याद " जिसमें आपको इसके लेखन के नए तरीके मिलेगे और सबसे महत्वपूर्ण है कि इसे लिखने लिए आपको एक अच्छा संस्मरण लेखक होना जरूरी है.

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