period poem in hindi

अखिर कब तक वो दिन कहेंगे हम 


कहते हैं ये जमाना बदल गया है
जहां लोग भी काफी ज्यादा बदल गए हैं
लेकिन फिर आज भी क्यों पीरियड्स को लेकर लोगों में उतनी ही छोटी मानसिकता है
जहां लोग आज भी उसका नाम लेने से बचते
जहां लोग आज भी उसे वो दिन के नाम से संबोधित करते
जहां लोग आज भी पैड शब्द बोलने से लेकर उसे खरीदने तक में शर्म है करते
खरीदने जाओ आज दुकान में वहां भी उसे कागज में पैक कर देते
जैसे ये पैड न होकर कोई बुरी चीज़ हो। 

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