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गणेश चतुर्थी

 

"बालक मृणालिनी ज्यों तोरि डारै सब काल,

कठिन कराल त्यों अकाल दीह  दुख को"

केशवदास 

जिसका अर्थ कुछ इस तरह से है कि जिस तरह बालक कमल की डाल को किसी भी समय आसानी से तोड़ देता है ठीक उसी तरह गणेश असमय में आए विकराल दुख को दूर कर देते हैं.

आज गणेश चतुर्थी है जिसे आप सब अवगत होगे आज गणेश जी की मूर्ति घर घर स्थापित होगी.

आमतौर पर यह  त्यौहार सभी जगह पर मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में इसकी सबसे ज्यादा लहर दिखाई देती है.

आईए जानते हैं आज गणेश जी के बारे में कुछ न ए पहलू जिन पर हमें जरूर विचार करना चाहिए.

* . एकदन्तं गणेश - जिसमें हमें वो जीवन की परेशानी का सामना करना बताते हैं.

* बुध्दि के देवता गणेश - यू तो हम सब जानते हैं कि गणेश मूसक की सवारी करते है लेकिन बहुत कम ही ये जानते हैं  इसके पीछे भी एक पौराणिक कहानी जुड़ी हुई है जब कार्तिक और सभी देवता और गणेश की प्रतियोगिता रखी थी  जिसमें सब को पूरे पृथ्वी के तीन  चक्कर लगाने थे  जिसे स्वयं सूर्य भगवान भी शामिल थे जिस कारण धरती पर अंधकार छा गया था तब गणेश ने  कैलाश लोक में दीपक जलाया और " हम सबको एक नया संदेश दिया कि हमें अपने अलावा हमारे आस पास पाए जाने  वाले लोगों का भी ध्यान रखना चाहिए " और फिर गणेश जी ने अपनी बुध्दि का उपयोग कर अपने माता पिता के चक्कर लगाए और प्रतियोगिता को जीत और हम सब को ये संदेश दिया कि " हमारे माता पिता में ही हमारी पूरी पृथ्वी  समायी हुई है "

"तीज त्यौहार की अलग ही है उमंग

हंसते रोते हम भरते इनमें रंग"


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..