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एक नजर इस पर भी



रोज हम लोग आईने या कैमरे के सामने जाते हैं और खुद को उसमें देखते हैं और लगातार खुद को देखते रहते हैं भले ही जब हम कुछ नहीं बोल रहे होते किन्तु उस समय हम से कई लोगों की आंखों उनके काम का जुनून बोल रहा होता है कि उन्होंने क्या करना है और व़ो खुद को कैसे बेहतर कर सकते हैं.

हम से कुछ लोग आज भी सपने खुली आंखों से देखते हैं जिसें वो पूरा करने की सोचते हैं जिसके लिए वो मेहनत करते हैं खुद को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करते हैं और खुद को तराशने के लिए खुद को ही चुनौती देते हैं और जब आईने के सामने जाते हैं तो एक अलग ही चमक उनकी आंखों में दिखाई देती है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..