जिस तरह हम अपनी सैलरी से अपने एक माह के खर्च के लिए और कुछ निवेश के लिए बजट बनाते हैं उसी तरह सरकार एक वर्ष के लिए बजट लेकर आती है जो सब लोगों के लिए छूट और नयी नयी योजना का तौहफा होता है कि सरकार की तरफ बजट केन्द्र में लोकसभा में और राज्य में विधानसभा में पास किया जाता है जिसे केन्द्रीय वित्त मंत्री और राज्य वित्त मंत्री पेश करती है इसे पहले ये राज्य और केन्द्र के सदनों में बिल की तरह पास कराया जाता है जिससे बनने से पहले सभी पक्ष और विपक्ष की राय की ली जाती है और बिल को पास होने से पहले सरकार के पक्ष और विपक्ष के बीच वाद विवाद होता और फिर बहुमत के साथ बिल पास किया जाता है जिसे वितीय बिल कहा जाता है.
उसी प्रकार बजट पारित करने से पहले राष्ट्र पति का अभिभाषण होता है जिसमें राष्ट्रपति केन्द्र सरकार की उपलब्धि को बताते है.
किसी भी बजट का विश्लेषण करने के लिए की बजट अच्छा है कि नहीं हमें कुछ शब्दावली मालूम होनी चाहिए
1.अतिरिक्त बजट- जिसमें सरकार की प्राप्तियां विनिवेश से अधिक अनुमानित राजस्व के कारण प्राप्तियों (शुध्द उधारियो के अतिरिक्त) के पैसे का अनुमान होता है.
2.वोट आन अकाउंट जब केन्द्र सरकार पूर्ण बजट पेश नहीं करती है तो सरकार देश की संसद में वोट आन अकाउंट को पास करने की गुजारिश करती है इससे सरकार को अगले कुछ महीने के प्रस्तावित खर्च करने की परमिशन मिल जाती है इस बजट को पेश करने के बाद सरकार यहाँ घोषणा करती है कि जब न ई सरकार आएगी तब वहाँ पूर्ण बजट पेश करेगी.
3कट मोशन - कट मोशन लोकसभा के सदस्यों के द्वारा चर्चा किए गए वितीय विधेयक में मांग का विरोध करने के लिए शक्ति देता है.
4योजना और गैर योजना व्यय - जिसमें सरकार के पूजी गत व्यय और राजस्व व्यय का विवरण होता है उदाहरण पूजी गत व्यय में किसी राज्य को उधार देना राजस्व व्यय पेशन योजना.
5गिलोटिन - बजट सत्र में मंत्रालयों की अनुदान मांगो की बिना चर्चा के बिल पारित करने की प्रक्रिया को ' गिलोटिन' कहते हैं.
6राजस्व घाटा - सरकार हर साल कमाई का लक्ष्य निर्धारित करती है यदि वास्तविक कमाई लक्ष्य से कम होती है तो इसे राजस्व घाटा कहा जाता है
7राजकोषीय घाटा - सरकार का खर्च जब कमाई से ज्यादा होता है तो उसे राजकोषीय घाटा कहते हैं इसमें सरकार का कर्ज शामिल नहीं होता है राजकोषीय घाटे को जीडीपी के मुकाबले% में दिखाया जाता है
अत्यंत महत्वपूर्ण
8बजट आवंटन
जिसमें सरकार बताती है कि वह किन किन मदों के संसाधनों का कितना हिस्सा खर्च करेगी.
9राजकोषीय नीति
मालूम चलता है कि सरकार आय और खर्चों के मामले में किस तरह के नीति अपनाने वाली है
तीन तरह के बजट
10बैलेंस बजट
सरकार की कमाई और खर्च बराबर होता है
11सरप्लस बजट
सरकार की कमाई खर्च से ज्यादा ह़ोता है
12डेफिसिट बजट
सरकार की कमाई खर्च से कम है.
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