आज के समय में गुलाब की कली सा होता है ये रिश्ता जो दिखने में बेहद खूबसूरत किन्तु कांटो की चुभन सा होता है।
कुछ पल का ही होता है मोहब्बत में हंसना और मुस्कुराना उसके बाद केवल जुदाई का दर्द पीना होता है।
कुछ रिश्ता का जैसे कोई नाम न हो तो ही अच्छा होता है। जो बदनामी से कहीं दूर होते है। कांच की तरह होते है ये रिश्ता एक बार भी पड़ जाए इसमें दरार तो ताउम्र के लिए दर्द देने वाले होते है।
इसलिए तो कहते है इस रिश्ते को संजो के रखना सबसे मुश्किल होता है। बहुत रिश्ते ऐसे भी होते है जिनका वक्त के साथ कहीं खो जाना ही ठीक होता है।
मोहब्बत करने वाले नहीं कर पाते
अक्सर इजहार
अफसोस वो रह जाते है
खाली पड़े कागज की तरह
जिनका नहीं होता कोई नाम
न कोई खत ,न कोई वादे
एक दूसरे का होकर भी ,नहीं हो पाते वो
अक्सर मोहब्बत के कुछ रिश्ते
खत्म हो जाते है बिना कुछ कहे
हमारे चाहने न चाहने पर।

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